राष्ट्र-द्रोह, राज-द्रोह और सरकार-द्रोह

कोई पूर्वग्रह नहीं, केवल विचार (छह)

  

  1. फांसी की सजा समाप्त हो –

    क्योंकि किसी कारणवश सजा के बाद यदि आरोप ग़लत साबित हो जाता है तो मरे हुए  

    व्यक्ति को जिन्दा करने की ताक़त किसी के पास नहीं, फिर मारने की हिमाकत क्यों?

  1. राष्ट्र-द्रोह को हत्या से भी ज्यादा संगीन अपराध घोषित किया जाए।
  1. राष्ट्र-द्रोह, राज-द्रोह और सरकार-द्रोह की परिभाषा, सजा के प्रावधानों की जानकारी सहित, सरल भाषा में मीडिया के विभिन्न लोकप्रिय माध्यमों से आम जनता को समझाई जाए।

 

आगे और भी बहुत कुछ.. .. किंतु शेष कल….. !

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