ज्योतिष और जादूगर   

 

कोई पूर्वग्रह नहीं, केवल विचार (सात)

 

  1. फलित ज्योतिष (स्ट्रोलॉजी) पर प्रतिबंध हो, क्योंकि खगोल विद्या (स्ट्रोनॉमी) तो वैज्ञानिक है, किंतु फलित ज्योतिष अन्धविश्वास है, जो लोग उसे भी विज्ञान मानते हैं, उन्हें मेरी खुली चुनौती है तथा उनकी भी हर चुनौती को मैं स्वीकार करूंगा।
  2. फलित ज्योतिष का सरकारी शिक्षण संस्थानों में पठन-पाठन बन्द हो,
  • क्योंकि वैसा करना अन्धविश्वास को संस्थागत स्वरूप दे कर उसे बढावा देना है।
  1. तंत्र – मंत्र पर प्रतिबंध हो,  क्योंकि वह अन्धविश्वास है।
  2. ग्रह-नक्षत्रों के कुप्रभाव से निवारण के उपाय के रूप में पूजा-पाठ, हवन आदि पर

प्रतिबंध हो,  क्योंकि वह अन्धविश्वास है।

क्योंकि गुरूत्वाकर्षण के अनुसार ग्रह-नक्षत्रों की गति व स्थिति का प्रभाव तो पड

सकता है, जैसे चन्द्रमा से समुद्र में ज्वार उठना, सूर्यग्रहण से किरणों में विकार आना आदि, परंतु पूजा-पाठ-हवन और तंत्र-मंत्र-गण्डे-ताबीज से उसके प्रभाव को दूर नहीं किया जा सकता, विज्ञान की सहायता से हम अपना बचाव कर सकते हैं।

  1.  तंत्र-मंत्र-सिद्धि , भविष्यवाणी, ज्योतिष  आदि का दावा करने वालों का सार्वजनिक

  स्थल पर खुले में परदाफाश हो और फिर उनका बहिष्कार हो,

  क्योंकि उस अन्धविश्वास को सिद्धि साबित करने की चुनौती कोई भी तथाकथित

  सिद्ध स्वीकार नहीं कर सकता।        

  1.  जादूगरों के लिए यह अनिवार्य हो कि खेल शुरू होने के पहले वे घोषणा करें कि

  जादू कला और विज्ञान के संयुक्त प्रदर्शन के सिवा कुछ बहीं, जादू से कुछ भी नहीं

  किया – कराया जा सकता , वह मात्र एक खेल है,

  क्योंकि दुनिया में ऐसा कोई भी नहीं है जो जादू के प्रभाव को साबित कर सके।

  1.  भूत-प्रेत का अड्डा माने जाने वाले खण्डहरों , इमारतों आदि में मीडिया वालों द्वारा

  हाथ में कैमरा और एक रिमोटनूमा यंत्र ले कर तथाकथित नेगेटिव इनर्जी की

  तलाश  का नाटक बन्द हो ;

  क्योंकि वैसा करना अन्धविश्वास को लोकप्रिय माध्यमों से प्रचारित-प्रसारित करना

  है।  

              और भी बहुत कुछा… किंतु शेष कल…..

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