डायनैमिक और डाइनामाइट : एक आत्मकथा

अम्बेदकारवाद और गांधीवाद का समन्वित स्वरूप ही

प्रचीनता की दीवारों से घिरे अर्वाचीन भारत के उत्थान और सर्वांगीन विकास का मार्ग है

क्योंकि अम्बेदकर और गांधी एक – दूसरे के पूरक हैं

इंदिरापुरम, 14 अप्रैल 2016

आधुनिक भारत के राष्ट्रनिर्माता और भारतीय संविधान की आत्मा को लोकतंत्र के ब्रह्मसरोवर में खिलाने वाले बाबा साहब भीमराव अम्बेदकर की 125वीं जयंती के अवसर पर मैं उन्हें सादर श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं और अछूतों के उद्धार एवं दलितों के उत्थान के परिप्रेक्ष्य में गांधी जी तथा बाबा साहब के वैचारिक अंतर्द्वन्द्व पर ऐतिहासिक तथ्यों के आलोक में अपनी समझ अपने सुधी पाठकों के साथ साझा करना चाहता हूं , यह आवश्यकता मुझे इसलिए महसूस हो रही है कि कई बार कुछ मित्रों से चर्चा के दौरान ऐसा लगा कि किन्हीं कारणों से कई लोग गांधी और अम्बेदकर को एक – दूसरे का घोर विरोधी मान लेते हैं तथा अपनी उसी सोच के आधार पर कोई गांधी को तो कोई अम्बेदकर को ग़लत करार देता है।

वस्तुत: , हम प्राय: इतिहास को भी मनोरंजक उपन्यास की भांति ही पढ जाते हैं, उससे जो सबसे बडी हानि होती है, वह यह कि एकाग्रता के साथ अध्ययन – मनन की अपेक्षा रखने वाले गूढ तथ्यों को दरकिनार कर मन को अतिरंजन देने वाले अर्थों को ही हम ग्रहण कर लेते हैं यानी हम अफरातफरी में सत्य और तथ्य के साथ अन्याय कर बैठते हैं। मेरी समझ में दलितों के लिए भारत की विधायिका में सुरक्षित स्थान और पृथक निर्वाचन मंडल की व्यवस्था संबंधी तत्कालीन ब्रिटिश प्रधानमंत्री रैम्जे मैकडोनाल्ड की नीति के संदर्भ में बाबा साहब की सहमति और महात्मा गांधी की असहमति के मामले में अध्ययन – मनन की वैसी ही त्रुटि हुई है। उसी त्रुटि के कारण पुणे के यर्वदा जेल में उस विषय को लेकर गांधी जी द्वारा किए गए आमरण अनशन और फिर पुना पैक़्ट को कुछ लोग दलितों के खिलाफ और सवर्ण हिन्दुओं के पक्ष में गांधी जी की कूटनीतिक चाल के रूप में देखते हैं जिसके चलते आज भी दलितों का एक वर्ग गांधी जी के प्रति आक्रोश व्यक्त करता है, यानी एक पक्ष अम्बेदकर जी को तो दूसरा पक्ष गांधी जी को प्रतिनायक सिद्ध करने का प्रयास करता है जबकि वास्तव में दोनों महानायक थे। दरअसल, दोनों पक्ष इसके पीछे अम्बेदकर के शुरूआती भाषणों को आधार बनाते हैं किंतु पुना पैक्ट के बाद मुम्बई में 25 सितम्बर 1932 को बाबा साहब ने जो भाषण दिया , उसे वे लोग याद नहीं करते अथवा करना नहीं चाहते । इसीलिए मैं बाबा साहब और महात्मा गांधी,  दोनों महान विभूतियों के प्रति समान श्रद्धा रखते हुए उनके परस्पर वैचारिक अंतर्संबंधों पर अपनी समझ साझा करना चाहता हूं। इस मुख्य विषय पर चर्चा करने से पहले यह जरूरी प्रतीत होता है कि दोनों विभूतियों की सामाजिक और वैचारिक पृष्ठभूमि पर एक नज़र डाल ली जाए।

महात्मा गांधी और बाबा साहब, दोनों ने देश – विदेश में ऊंच्ची शिक्षा प्राप्त की थी, दोनों मौलिक चिंतक थे, बैरिस्टर थे और, कानून, राजनीति, अर्थव्यवस्था एवं समाज व्यवस्था की दोनों को गहरी परख थी, दोनों का विवाह किशोर अवस्था में ही हो गया था। गांधी जी अपने माता – पिता की छह संतानों में सबसे छोटे थे,   अम्बेदकर जी अपने मातापिता की चौदह संतानों में सबसे छोटे थे। गांधी जी के पितामह दीवान थे, उनके पिता और चाचा भी पोरबन्दर के दीवान रहे, उनके एक भाई वकील तथा दूसरे भाई पुलिस इंस्पेक्टर थे। अम्बेदकर जी के पितामह भी अवकाश प्राप्त सैनिक थे , उनके पिता भी सेना से अवकाश प्राप्त कर 50 रूपये मासिक पेंशन पाते थे और साथ ही लोकनिर्माण विभाग में स्टोरकीपर की नौकरी भी करने लगे थे, 1891 ई. में लगभग 100 रूपये की मासिक आमदनी उस समय के लिए बिलकुल नगण्य नहीं थी तो एक बहुत बडे परिवार के पालन – पोषण के लिए बहुत बडी राशि भी नहीं थी , इसीलिए बाबा साहब की विदेश में पढाई बडौदा महाराज सायाजीराव गायकवाड तथा कोल्हापुर के महाराजा साहू जी छत्रपति की आर्थिक मदद से ही संभव हो सकी। गांधी जी की आर्थिक स्थिति अम्बेदकर जी से बेहतर ही नहीं, अच्छी थी, वे बनिया जाति के थे जो गुजरात में प्रभावशाली जाति मानी जाती थी। गांधी जी की मां धर्मपरायण महिला थीं , गांधी जी के हृदय में धर्म-कर्म का बीजारोपण उनकी मां के सान्निध्य में ही हुआ था, यहां तक कि इंगलैड जाने देने के पहले उनकी मां ने उनसे मदिरा, मांस और स्त्री को नहीं छूने की सौगंध भी ले ली थी।

अम्बेदकर जी महार जाति के थे, वह जाति बहादुर और ताकतवर मानी जाती थी, महार रेजीमेंट भी सेना में थी और यह भी कहा जाता है कि महाराष्ट्र का नामकरण महार पर ही हुआ । अम्बेदकर जिस जाति से आते थे, वह थी तो हिन्दुओं का ही एक अंग, लेकिन समाज में वह पूरी तरह अछूत मानी जाती थी, धर्म – कर्म की कौन कहे, मंदिरों की चौखट तक भी उस जाति के लोगों को जाने की इजाजत नहीं थी, उस जाति के लोगों के हाथ का छुआ खाना – पीना तो दूर,  सवर्ण जाति के लोग अपना बदन भी उनसे नहीं छुआते थे, स्कूल में सबके साथ बैठने तक की मनाही थी, शिक्षक अछूत छात्रों को पढाते नहीं थे, क्लास में सवाल पूछने में भी शिक्षकों को छूत लगने का डर होता था , अछूतों को संस्कृत पढने की मनाही थी, इसीलिए आगे चल कर जब अम्बेदकर को स्कूल में दूसरी भाषा रखने का वक्त आया तो उन्होंने दूसरी भाषा के रूप में फारसी को चुना ,  कोई नाई अंबेदकर जी के बाल नहीं काटता था , उनकी बहन ही उनके बाल काटती थीं, कोई गाडीवान उन्हें अपनी गाडी में नहीं बिठाता था, सार्वजनिक प्याऊ पर पानी पीने की मनाही थी, प्यास लगने पर अछूत बच्चे मुंह ऊपर की ओर कर देते थे और कोई बहुत ऊपर से उनके मुंह में पानी डाल देता था। यानी कि हर तरह से तिरस्कृत , अपमानित और बहिष्कृत जाति थी वह और अम्बेदकर को वे सभी अमानवीय व्यवहार दुत्कार झेलने पडे थे। जब अम्बेदकर जी युरोप से पढ कर भारत वापस आए और आर्थिक पहलू पर विदेशों में उनके चिंतन की धाक जम जाने की खबर से बडौदा महाराज ने उन्हें अपना सैन्य सचिव नियुक्त कर लिया ताकि आगे चल कर वे उन्हें अपना वित्तमंत्री बना सकें, तो भी सवर्ण हिन्दुओं ने उनके साथ अमानवीय भेदभाव किया तथा उनके साथ किसी के रहने की बात तो छोड दीजिए, उन्हें रहने के लिए कोई अपना मकान किराए पर देने तक को भी तैयार नहीं हुआ, उसी से ऊब कर वे 1917 में बम्बई चले गए, जहां जातिगत भेदभाव और छूत का वैसा रोग नहीं फैला था।

बस, गांधी और अम्बेदकर में बहुत कुछ समान होने पर भी, सामाजिक स्वीकृति के स्तर पर जमीन आसमान का अंतर था। दलित समुदाय को अछूत और समाज – बहिष्कृत माने जाने की पराकाष्ठा का अन्दाजा सिर्फ इस बात से ही आसानी से लगाया जा सकता है कि जब अम्बेदकर जैसे उच्च शिक्षा प्राप्त और विलायती रहन – सहन वाले व्यक्ति को केवल अपनी जाति के कारण वैसा और उतना अपमान सहना पडा था तो आखिर गरीब व दबे- कुचले दलित तबके के सामान्य अछूतों को किस तरह के और कितने अपमान, दुत्कार, बहिष्कार और भेदभाव का शिकार होना पडा होगा? इसीलिए वे उन सब से तंग आ कर कोई ऐसा धर्म तलाशने लगे थे जहां वैसी छुआछूत और ऊंचनीच का भेदभाव न हो। उसके अनुरूप उस समय अछूतों, विशेष कर महारों में भक्ति की तीन शाखाएं थीं – कबीर पंथ, रामानन्द मत और नाथ सम्प्रदाय; अम्बेदकर ने जाति प्रथा को दुत्कारा था, इसीलिए वे खुद और जाति प्रथा की यातनाएं झेलने वाले अन्य अछूत कबीर के अनुयायी बन गए। अम्बेदकर के प्रेरणास्रोत तीन महापुरूष थे – भगवान बुद्ध , संत कबीर और महात्मा ज्योतिबा फुले। कबीर से उन्हें भक्ति, फुले से ब्राह्मण विरोध व शैक्षिक – आर्थिक उत्थान का संदेश तथा बुद्ध से मानसिक एवं दार्शनिक शक्ति मिली जो अंततोगत्वा सामूहिक धर्मपरिवर्तन का माध्यम बनी।  अम्बेदकर जी हिन्दु धर्म की सभी बुराइयों तथा अछूतों की सामाजिक, आर्थिक एवं धार्मिक दासता की जड मनुस्मृति को मानते थे, इसीलिए उन्होंने 25 दिसम्बर 1927 को मनुस्मृति की होली जलाई थी, जबकि गांधी जी गीता को अपना पथप्रदर्शक मानते थे और अन्य धर्मग्रंथों का भी आदर करते थे, उनके प्रार्थना गीत भी हिन्दुओं के अनुसार ही थे, फिर भी, जब 1931 के गोलमेज सम्मेलन में रैम्जे मैक्डोनाल्ड ने उन्हें हिन्दू कह कर संबोधित किया तो उन्हेंने उसका यह कह कर जोरदार विरोध किया कि वे केवल व्यक्तिगत जीवन में अपने ईश्वर के समक्ष हिन्दू हैं, शेष दुनिया के लिए वे केवल भारतीय हैं और वे स्वयं को हरिजन मानते हैं ।

गांधी जी जब दक्षिण अफ्रीका से वापस आए तो उन्होंने पूरे भारतवर्ष का भ्रमण किया, हर राज्य, हर क्षेत्र, हर वर्ग , हर जाति, हर धर्म – सम्प्रदाय के लोगों से मिले, उनकी आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक स्थितियों को देखा – परखा – समझा , उनकी समस्याएं खुद उनके मुंह से ही सुनीं, उनके दुखदर्द को हृदय की गहराई तक महसूस किया , तब सक्रिय राजनीति में उन्होंने पदार्पण किया । यही कारण था कि वे सभी समस्याओं की जड को जानते – पहचानते व समझते थे तथा व्यापक दृष्टिकोण के साथ उन समस्याओं का समूल निराकरण करना चाहते थे। अंबेदकर जी ने भी भारतीय राजनीति में कूदने के पहले लोकतंत्र, समानता और स्वतंत्रता संबंधी सारे दांवपेंच पश्चिम से सीख लिए थे। जब वे सार्वजनिक जीवन में आए तो उनके समाज की वे सारी विकराल समस्याएं मुंह बाये सामने खडी थीं जिन्हें खुद उन्होंने भी झेला – भोगा था। यही कारण था कि उनके मन में सवर्ण हिन्दुओं के विरुद्ध कटुता भर गई थी और वे केवल अछूत समाज के हितों की ही बात करते थे । एक बार जब ए बी ठक्कर ने अम्बेदकर पर आरोप लगाया कि – “अम्बेदकर हरिजनों के लिए तो अत्यधिक रियायतें चाहते हैं पर आदिम जातियों को उनका न्यायसंगत अधिकार दिलाने से भी इंकार करते हैं” , तो अम्बेदकर जी ने स्पष्ट रूप से कहा था कि उन्होंने दुनिया भर के सताये हुए लोगों का मसीहा होने का दावा कभी भी नहीं किया , जबकि गांधी जी ने 1920 में ही घोषणा कर दी थी कि राष्ट्रीय कार्यक्रमों में अस्पृश्यता निवारण को सर्वोच्च स्थान देना होगा , उस कलंक को धोए बिना स्वराज्य बेकार है।  गांधी जी ने  यह भी कहा कि छुआछूत हिंदू धर्म का अंग नहीं है, मैं सोचता हूं कि अगर हिन्दू धर्म में अस्पृश्यता बनी रहती है तो इससे अच्छा यही है कि इस धर्म का नामोनिशान मिट जाए । उन्होंने एक कदम और आगे बढ कर यह भी कह दिया मैं अछूतों के महत्त्वपूर्ण  हितों की बलि नहीं चढने दूंगा , चाहे देश को स्वाधीनता मिले या न मिले । इस तरह गांधी जी की सोच व्यापक थी , इसीलिए उन्होंने कहा  – “ मैं अम्बेदकर की योग्यता का सम्मान करता हूं पर अपने जीवन में उन्होंने जो मुसीबतें झेली हैं, उनकी कडुवाहट में वे न्याय को भुला बैठे हैं”। इन्हीं तथ्यों को ध्यान में रख कर हमें गोलमेज सम्मेलन और अछूतों के लिए अपेक्षित प्रावधानों तथा यर्वदा जेल में गांधी जी के आमरण अनशन और पुना पैक्ट को देखना – समझना होगा, तभी हम विचारों के अंतर्द्वंद्व को सही व सम्यक रूप में समझ पाएंगे।

पहला गोलमेज सम्मेलन लंदन में 12 नवम्बर 1930 को हुआ, उसका उद्देश्य भारत का संविधान बनाना था, हालांकि अंतर्निहित उद्देश्य भारतीयों को संतुष्ट करना था। उसमें कुल 89 सदस्य थे, जिनमें ब्रिटिश राजनीतिक दलों के 16, भारतीय रजवाडों के 20 तथा विभिन्न हितों के पोषक 53 सदस्य थे और उनमें ही  अम्बेदकर तथा रायबहादुर श्रीनिवास दलित जातियों के प्रतिनिधि के रूप में थे, सविनय अवज्ञा आन्दोलन के कारण उसमें कॉंग्रेस का कोई प्रतिनिधि नहीं था। अम्बेदकर ने वहां कहा कि अछूतों का हिन्दुओं से अलग अस्तित्व है । उन्होंने मांग की कि चुनाव की दृष्टि से दलित जातियों को अलग समुदाय माना जाए तथा उन्हें समान नागरिकता और नागरिक अधिकार भी दिया जाए एवं विधायिकाओं, सरकारी सेवाओं व मंत्रीमंडल में उनके उचित प्रतिनिधित्व के प्रावधान किए जाएं।   उन्होंने अछूतों की समस्या को लीग ऑफ नेशंस के सामने रखने का भी विचार किया। गांधी जी ने इसी परिप्रेक्ष्य में कहा था कि व्यक्तिगत रूप से झेले गए अपमान से अम्बेदकर के मन में हिन्दुओं के प्रति इतनी कटुता भर गई है कि वे न्याय को भुला बैठे हैं।

मार्च 1931 में गांधी – इरविन समझौते के आलोक में कॉंग्रेस ने सविनय अवज्ञा आन्दोलन वापस ले लिया और अगले गोलमेज सम्मेलन में शिरकत के लिए हामी भर दी। तदनुसार लंदन में 07 सितम्बर 1931 को आयोजित दूसरे गोलमेज सम्मेलन में कॉग्रेस का प्रतिनिधित्व महात्मा गांधी, सरोजिनी नायडु और मालवीय जी ने किया । अम्बेदकर  ने कहा कि सभी सम्प्रदायों को उनकी जनसंख्या के अनुपात में सत्ता में अधिकार दिए जाएं तथा दलित जातियों को विशेष प्रतिनिधित्व दिया जाए। अब प्रश्न यह था कि दलित जाति किन्हें माना जाए? 1916 में भारत के शिक्षा आयुक्त और साउथब्रो मताधिकार समिति ने दलित जातितों को आदिम जातियों या गिरिजनों अथवा पहाडी जनजातियों से जोड दिया था किंतु अम्बेदकर के प्रयास से लोथियन मताधिकार समिति ने दलित वर्ग में केवल अछूतों को ही शामिल करने का फैसला दिया। बाद में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री और गोलमेज सम्मेलन के अध्यक्ष रैम्जे मेकडोनल्ड ने अल्पसंख्यकों के लिए एक कार्यक्रम की घोषणा की जिसमें दलितों को भी अल्पसंख्यक मान लिया गया और उनके लिए विधायिकाओं में सुरक्षित स्थान व पृथक निर्वाचन मंडल का प्रावधान किया गया तथा दलितों को सुरक्षित स्थान के साथ – साथ सामान्य सीटों से भी चुनाव लडने का अधिकार दिया गया , उस हिसाब से दलितों को दुहरे मतदान ( एक सुरक्षित उम्मीदवार चुनने के लिए और दूसरा सामान्य उम्मीदवार के लिए) का अवसर मिल गया, ये प्रावधान 20 वर्षों के लि किए गए थे । परंतु गांधी जी का कहना था कि इन प्रावधानों से सवर्ण हिन्दुओं और दलितों के बीच अलगाव की पक्की दीवार खडी हो जाएगी, सवर्ण हिन्दू हमेशा के लिए दलितों के लिए खतरा बन जाएंगे, अस्पृश्यता तो हिन्दू धर्म का कलंक है , जो निकट भविष्य में मिट जाएगी, लेकिन पृथक निर्वाचन हमेशा के लिए दुराव पैदा कर देगा ; जबकि अम्बेदकर सोचते थे कि पृथक निर्वाचन , वयस्क मताधिकार और संवैधानिक मूल अधिकारों से दलितों को पूरी सुरक्षा मिलेगी, उन्होंने गांधी पर आरोप लगाया कि वे हिन्दुओं और दलितों के बीच खाई चौडी कर रहे हैं।

दूसरे गोलमेज सम्मेलन के बद गांधी जी 28 दिसम्बर 1931 को जब बम्बई बंदरगाह पर उतरे तो विशाल जन समूह ने उनका शानदार स्वागत किया, उनके भव्य स्वागत पर नेताजी सुभाषचन्द्र बोस ने ताना मारते हुए कहा था कि स्वागत तो ऐसा हो रहा जैसे मानो महात्मा जी स्वराज्य अपनी हथेली पर ले कर आए हों! गांधी जी ने जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि वे खाली हाथ लौटे हैं किंतु देश की अस्मिता पर बट्टा नहीं लगने दिया है। 04 जनवरी 1932 को  गांधी जी गिरफ्तार कर लिए गए और पुणे के यरवदा जेल में रखे गए ।

गांधी जी दलितों के लिए सुरक्षित सीटों के प्रावधान पर तो सहमत हो गए किंतु दलितों के पृथक निर्वाचन मंडल का उन्होंने जोरदार विरोध किया और 11 मार्च 1932 को ब्रिटिश सरकार में भारत सचिव सर सैमुअल होर को पत्र लिख कर बताया कि पृथक निर्वाचन मंडल से दलित जातियों का कोई कल्याण नहीं होगा बल्कि उससे वे हमेशा अछूत ही बने रहेंगे तथा पृथक निर्वाचन मंडल देश के टुकडे – टुकडे कर देगा, इसलिए इसे स्वीकार न किया जाए वरना वे आमरण अनशन करेंगे। ब्रिटिश प्रधनमंत्री रैम्जे मैकडोनल्ड ने 17 अगस्त 1932 को गांधी जी की अपील को खारिज करते हुए पृथक निर्वाचन मंडल के पक्ष में ब्रिटेन के निर्णय की घोषणा कर दी , साथ ही,  यह संकेत भी दे दिया कि हिन्दू और हरिजन यदि किसी अन्य एवं पारस्परिक संतोषजनक मतदान व्यवस्था पर राजी हो जाएं तो उसे सरकार स्वीकार कर लेगी। गांधी जी ने भी पत्र लिख कर 20 सितम्बर 1932 को दोपहर से आमरण अनशन करने का अपना निर्णय सुना दिया और साथ ही, उस अनशन का आशय भी स्पष्ट कर दिया कि उनका वह अनशन ब्रिटिश सरकर के विरुद्ध नहीं था क्योंकि सरकार ने तो बता दिया था कि अगर हिन्दू एवं हरिजन एक साथ मिल कर स्वत: किसी वैकल्पिक निर्णय पर पहुंच जाएं तो सरकर उससे सहमत हो जाएगी। 19 सितम्बर 1932 को बम्बई में हिन्दू नेताओं की बैठक हुई जिसमें गांधी जी के अनशन की चर्चा करते हुए यह तय पाया गया कि गांधी जी के प्राण बचाने के लिए जरूरी है कि मैकडोनल्ड के निर्णय को बदला जाए और उसके लिए जरूरी है कि अम्बेदकर उसके लिए सहमति दें। अम्बेदकर जी को वह बात बताई गई किन्तु अम्बेदकर सहमत नहीं हुए और उन्होंने गांधी जी के आमरण अनशन को राजनीतिक पाखंड कहा । फिर भी, वे यरवदा जेल में गांधी जी से मिले, नेताओं के एक पैनल में उस विषय पर चर्चा करने के लिए अम्बेदकर सहमत हो गए।

अम्बेदकर जी ने प्रांतीय एसेम्बलियों में दलितों के लिए 197 सीट सुरक्षित करने की मांग रखी, हालांकि मैकडोनल्ड ने 71 सीट ही सुरक्षित करने का प्रावधान किया था; बुनियादी चुनाव 10 साल के लिए कराने तथा आरक्षण के बारे में अगले 15 वर्षों के बाद दलित जातियों का जनमत संग्रह कराए जाने की मांग भी रखी गई । हिन्दु नेता दलितों के लिए 126 सीट सुरक्षित करने पर सहमत हुए, अम्बेदकर एक तरह से सहमत हो गए किंतु गांधी जी बुनियादी चुनाव 10 वर्षों के लिए कराए जाने तथा आरक्षण की स्थिति पर 15 वर्षों बाद दलितों का जनमत संग्रह कराए जाने पर सहमत नहीं हुए, उनका मानना था कि 5 वर्ष काफी हैं , फिर वे 10 वर्षों की शर्त को भी मान गए। लेकिन जनमत संग्रह पर सहमत नहीं हुए। राजगोपालाचारी ने गांधी जी से पूछे वगैर अम्बेदकर को इस बात पर राजी कर लिया कि प्रारंभिक चुनावों को हटाने का प्रश्न बाद में चर्चा कर तय किया जाएगा , इससे शायद जनमत लेना आवश्यक न रहे । उसके बाद सुरक्षित सीटों की संख्या भी 126 से बढा कर 148 कर दी गई, इस प्रकार अम्बेदकर जितने की मांग कर रहे थे, गांधी जी के माध्यम से उससे ज्यादा ही उन्हें मिल गया। उस आम सहमति के समझौते पर 24 सितम्बर 1932 को शाम 5 बजे सभी पक्षों के हस्ताक्षर हुए, लेकिन उसके बावजूद गांधी जी ने अनशन तोडने से इंकार कर दिया। उनका कहना था कि जब तक दोनों संबंधित पक्षों की सहमति पर ब्रिटिश सरकार मोहर नहीं लगा देती  और मैकडोनल्ड का पृथक निर्वाचन मंडल वाला प्रावधान रद नहीं कर दिया जाता, तब तक उनका अनशन जारी रहेगा।

गांधी जी की हालत खराब होती जा रही थी, वे मरणासन्न हो रहे थे , रवीन्द्रनाथ टैगोर ने पहले ही कह दिया था कि अनशन से महात्मा की जान अगर गई तो उनकी हत्या के लिए सभी हिन्दू जिम्मेवार होंगे, इसीलिए समझौते में हिन्दू नेताओं ने ज्यादा तत्परत दिखाई थी, सारे तथ्य को व्हाईस राय ने तार से लंदन भेज दिया , लेकिन वह रविवार का दिन था, सभी मंत्रीगण शहर से बाहर गए थे, मैकडोनल्ड भी एक श्राद्ध कर्म में भाग लेने के लिए लंदन से बाहर ससेक्स गए थे, गांधी जी की जान  बचाने के लिए देश-विदेश में अफरातफरी मच गई, मैक्डोनल्ड और उनके मंत्री तत्काल लंदन पहुंचे , रात में ही बैठक हुई और सुबह मैकडोनल्ड प्रस्ताव को रद करने की सूचना दिल्ली भेज दी गई, गांधी जी ने सभी निर्णयों की पुष्टि पा कर अपना आमरण अनशन तोड दिया और उनके प्राण बचे। गांधी जी की आमरण अनशन करने की घोषणा ने देश को हिला कर रख दिया था, जगह – जगह प्रार्थानाएं होने लगी थीं, दलितों के लिए मंदिरों के द्वार खोल दिए गए थे, सार्वजनिक प्याऊ पर दलितों को पानी पीने की आज़ादी दे दी गई थी, सवर्ण हिन्दू दलितों को गले लगाने लगे थे;  अहिंसा और उपवास की इस शक्ति से दुनिया अनजान थी किंतु अम्बेदकर की मांग और गांधी की जिद्द ने न केवल दुनिया को गांधी की आत्मिक शक्ति और अपार लोकप्रियता से परिचित कराया, वरन दलितों और सवर्ण हिन्दुओं के बीच एक नई स्थाई दीवार खडी होने से भी देश को बचा लिया । वास्तव में गांधी जी के आंतरिक इच्छा भी वही थी ।

अम्बेदकर जी ने भी 25 दिसम्बर 1932 को बम्बई – सम्मेलन में पुना पैक्ट पर बोलते हुए कहा – “ मैं स्वीकार करता हूं कि जब मैं उनसे मिला , तो मुझे आश्चर्य हुआ , और महान आश्चर्य हुआ कि उनके और मेरे बीच परस्पर मेल खाने वाली कितनी अधिक बातें थीं। वास्तव में जब भी कोई विवाद उनके सामने गया , तो मैं यह देख कर हैरान रह गया कि जो व्यक्ति गोलमेज सम्मेलन में मेरे विचारों से इतना अधिक मतभेद रखता था, वह तुरंत मेरी हिमायत करने लगा, दूसरे पक्ष की नहीं। मैं महात्मा जी का बडा कृतज्ञ हूं कि उन्होंने मुझे ऐसी स्थिति से बचा लिया , जो बहुत कठिन हो सकती थी” । आज अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछडे वर्ग के लिए आरक्षण संबंधी प्रावधानों को कार्यान्वित होते देख कर इस बात पर संतोष व्यक्त किया जा सकता है कि बाबा साहब की मांग भी उचित थी तथा उनकी मांगों में गांधी जी द्वारा सुझाए गए संशोधन भी जरूरी थे , और सबसे बडा औचित्य गांधी जी के आमरण अनशन का सिद्ध हुआ है अन्यथा अंग्रेज अन्य मामलों में अपनी “ बांटो और राज करो” नीति थोपने की भांति यहां भी “ तोको ना मोको , चुल्ही में झोंको” वाली नीति अर्थात खुद तो उन्हें भारत से चले ही जाना था, उसके बाद सवर्ण और अवर्ण के नाम पर हिंदुस्तानी लोग लडते रहें यानी “ हमें राज नहीं करने दिया तो तुम भी शांति से न रह सको” की नीति थोप कर चले जाने में सफल हो जाते । संसार में कटुता और मधुरता का संबंध तो स्वाभाविक रूप में चलता ही रहता है, किंतु गांधी और अम्बेदकर की समन्वित नीति ने हजारों साल की सामाजिक कटुता को जड से मिटाने में नहीं तो उसे कम कर चाणक्य की तरह उसकी जड में मट्ठा डालने में तो सफल अवश्य हुई।

निस्सन्देह , अम्बेदकारवाद और गांधीवाद का समन्वित स्वरूप ही प्रचीनता की दीवारों से घिरे अर्वाचीन भारत के उत्थान और सर्वांगीन विकास का मार्ग है क्योंकि अम्बेदकर और गांधी एक – दूसरे के पूरक हैं। मैंने इस आलेख में अन्य विषयों को नहीं उठाया है। इस आलेख में तथ्य भारत सरकार के प्रकाशनों और इन महात्माओं की प्रामाणिक एवं अधिकृत जीवनी से लिए गए हैं, इसीलिए जिन सज्जन को किसी भी तथ्य पर आपत्ति हो, वे कृपा कर मेरे ब्लॉग पर या मुझसे व्यक्तिगत रूप से सम्पर्क कर स्पष्टीकरण ले सकते हैं।

एक बार फिर, बाबा साहब को प्रणाम और महात्मा जी को नमन !

इसे मेरे ब्लॉग shreelal.in    के साथ – साथ मेरे फेसबुक   shreelal Prasad पर भी देखा जा सकता है।

 

‘अमन’ श्रीलाल प्रसाद

9310249821

इंदिरापुरम ,14 अप्रैल 2016

33,399 thoughts on “डायनैमिक और डाइनामाइट : एक आत्मकथा

  • 20/10/2017 at 6:02 am
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  • 20/10/2017 at 5:39 am
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    [url=http://blog.livedoor.jp/gdgdgdgd10/] 三国志 three kingdoms 激安 [/url]
    映画「軍艦島」は日本植民地時代、日本の軍艦もの強制徴用された後、命をかけて脱出しようとする朝鮮人たちの話を盛り込んだ。 昨年はドラマ「恋はチーズ・イン・ザ・トラップ」の主人公としてアジア全域を再び熱く盛り上げ、韓流スターとしての位置をさらに固くした。 [url=http://blog.livedoor.jp/gdgdgdgd26/] DVD ダビング [/url]
     ファンからは「どうしてそんなに可愛いのですか」「清潔感半端ないっす」「少女のようです」「ほんと昔からなんも変わってないですね」「私もゆりこさんのように歳を重ねたいです」などといった称賛&あこがれの声が届けられている。 今日も草月ホールの遊佐未森のコンサートとFCの催しに行くが、コンサート会場の開場が午後2時だった(もっとも草月ホールに着くまで午後1時半だと勘違いしていた)ので、昼食も外で食べる事にした。
    [url=http://blog.goo.ne.jp/yyfyyf4]カルテット販売[/url] 人生の大部分を共にして兄妹と男女の間の境界を行き来するドンマンとエラの自然な雰囲気がワンカットに含まれている。  私も、あまりに見え透いたストーリーなだけに、それだけは勘弁して欲しい旨を初回の感想時に書きましたが、どうもその方向に向かっていますね…。
    [url=http://blog.livedoor.jp/rtrtrtrt3/]逃げるは恥だが役に立つ DVD BOX[/url]

    Reply
  • 20/10/2017 at 5:32 am
    Permalink

    皆様のご参考にと毎日続けていこうと・・・というよりも、自分自身のために書いてゆきます。 「Ransom(身代金)」と「Software(ソフトウェア)」を組み合わせた造語。 [url=http://www.key7jp.com/windows-8-1-enterprise-x64-4.html]windows 8.1 の ダウンロード[/url]
    今回は、以前にアナウンスがあったインサイダープレビューのサービスのアップデートが完了したようで、新たにプレビュー版を受け取る前に、MSアカウントの再確認(再ログイン)を求められました。 まだ間に合いそうなら、こちらをクリックして無料スキャンを受けられます。
    [url=http://www.key7jp.com/windows8-01-32-16.html]windows8 セットアップ[/url] インストールはセットアップファイルをダウンロードして進めるだけと簡単。 Microsoftの70-489日本語試験対策の認証試験を準備しているあなたは、自分がトレーニングを選んで、しかも次の問題を受かったほうがいいです。
    [url=http://www.key7jp.com/category-3-b0-Adobe.html]Acrobat 11ライセンス認証[/url]
    office 2013のセキュリティ、性能と安定性、及びwindows 8とinternet explorer 11の通用性を向上させました。 それぞれのオンライン帝国は非常に広大で、世界各地に数十万台のサーヴァーを設置しているため、1社だけでひとつのチップマーケットを生み出していることになる。 [url=http://www.key7jp.com/office-Professional-2016-50.html]office2016 の プロダクト キー[/url]
    (この方法取らないとKasperskyの脆弱性スキャンに引っ掛かるのです)。 付属セット お渡しする物は下記の通りです。
    [url=http://www.key7jp.com/access-2013-55.html]office 2013 通販[/url]  トラブルを事前に防ぐ方法USB機器を取り外す時は「安全な取り外し」を行うシャットダウン後にUSB機器の取り外し操作を行う場合は「高速スタートアップ」を無効にしておく。 ・FAX:このコンピューターまたはネットワーク上にある FAX リソースを利用して、FAX を送信したり受信したりできます。
    [url=http://www.key7jp.com/Project-Professional-2016-51.html]office2016 ソフト[/url]

    Reply
  • 20/10/2017 at 4:49 am
    Permalink

    It is in point of fact a nice and useful piece of info. I’m happy that you simply shared this helpful information with us. Please stay us up to date like this. Thanks for sharing.|

    Reply
  • 20/10/2017 at 2:54 am
    Permalink

    Greetings from Florida! I’m bored to death at work so I decided to check out your site on my iphone during lunch break. I really like the info you provide here and can’t wait to take a look when I get home. I’m amazed at how fast your blog loaded on my phone .. I’m not even using WIFI, just 3G .. Anyways, excellent site!|

    Reply
  • 20/10/2017 at 2:01 am
    Permalink

    荷物を一度ホテルへ置きに帰って、すぐに広蔵市場へ高麗人参茶を買いに行きました。 黒田東彦総裁は記者会見で「これまで着実に進んできたデフレマインドの転換が遅延するリスクがある。 [url=http://area-cars.ru/liane/moncler_1/index.html]モンクレール ダウン 2017[/url]
    去年奥さんがここで自分とボクの分のダウンを買ってきてくれました。 お電話でのご注文の場合、代金引換のみ、送料はお客様負担となります。
    [url=http://www.barlocchi-treuhand.ch/coats/moncler_1/index.html]モンクレール メンズ 新作[/url] 結構有名な靴ブランド「Santoni(サントーニ)」の革靴ももっているのですが、ここのは硬くてなかなか足に馴染まない。 イケてる感じがしますよね♪♪HOLLYWOOD MADEのロンTが入荷しました~♪♪人気のCOCOのレオパードモデル☆☆カラーは、ホワイト、ブラック、ボーダーの3色♪♪もちろんコットン100%なので、着心地もバッチリ!!サイズ S、M、L価格 ¥7,560-昨日、早速ブラック Lサイズが売れました。
    [url=http://awarenow.com.au/cesar/moncler_1/index.html]モンクレー モンクレール[/url]
    ◆条件付き送料無料の条件は、お買い上げ金額10000円以上の方が対象となっております。 のれんに「東京銀座つゆ木より」って書いてあるでしょ?これがこのお店に来た理由・・・・・むかしむかし、銀座金春通り(8丁目)に「つゆ木(津由木・津ゆ木)」さんっていうお店があったんだと。 [url=http://sistemasltda.cl/delac/moncler_1/index.html]モンクレール グルノーブル[/url]
    夫は20年ここへ住んでるけど行ったことなかったんだって。 モンクレールもかなり頑張ってOFFセールしていますが、やはりお高いですね!!上画像の定価は235,200円が15%OFF(37,200円引き)の198,000円です。
    [url=http://area-cars.ru/liane/moncler_1/index.html]モンクレール マウンテン パーカー[/url] 品番とサイズ、発送に必要なお名前、電話番号、住所をお伺いいたします。 スリムでコンパクトなラインはモンクレールの定番のシルエットなので、始めて着用する方にもおすすめのタイプです!。
    [url=http://addiction.xii.jp/quinc/moncler_1/index.html]モンクレール 白 ダウン[/url]

    Reply
  • 20/10/2017 at 1:46 am
    Permalink

    速度を測ってみたところ、超高速!何を突っ込むのかは難しいところであるが、何らかの役には立ちそうだ。 (独立行政法人情報処理推進機構 調査)そこで、DSolは市場に注意を促すとともに、その対応策を解説するべく、本セミナーを企画いたしました。 [url=http://blog.goo.ne.jp/windows8-1]win8.1 アップグレード[/url]
    」とメッセージが出たのですが…■■■■■■■■■「予期せぬエラーが発生しました。  この戦略の大きなポイントは、どのOSでOfficeアプリを実行した場合でも見た目と操作性が変わらないので、すぐに使用できることだ。
    [url=http://blog.goo.ne.jp/windows8-1]windows8.1 ストア アプリ[/url]  本セミナーでは、予測精度を高めるために必要な、データ処理のポイントや考え方をご説明し、データの準備からモデル作成までを具体的にデモンストレーション形式でご説明します。 それもこれも、PCの引っ越しに手間取ってるせいなのですヨ!(責任転嫁)メール設定間違えて、ファイル削除したらアプリが開かなくなって、練習兼ねて初期化したりね・・・。
    [url=http://blog.goo.ne.jp/windows10-good/e/8eb69af17d915c142df167291bc01e25]windows10 ストア アプリ[/url]
    一般にOSの買い替えは、1万円以上かかり、古いOSを使い続ける人の割合が増えている。 MOS 2010 までは、25~40問程度の前後に相関関係のない問題が出され、1問ごとに1~2つの課題を解答させるものでしたが、MOS 2013は、ひとつ成果物(ファイル)を完成させる形式の試験です。 [url=http://softpcjpjp.com/]windows8 1 ダウンロード[/url]
    この場合、「ソリューションのビルド」(コンパイル)でリソースに取り込まれますが、リソースファイル(.rc)には反映されません。 私が前回のSurface Pro 3に感じていた最大の不満はWindows 8.1とキーボードの設定方法だった。
    [url=http://blog.goo.ne.jp/windows10-good/e/8eb69af17d915c142df167291bc01e25]win 10 インストール[/url] 「変換無し」を選択した場合は、動画の変換は行わずに、それぞれの動画サイト上にある動画をそのまま保存する。 この状態で考えると、Win8.1の方は、ウインドウマークを押すことでWin10へのUpgradeが行われるようです。
    [url=http://www.serialkeys.org/]windows server ダウンロード版[/url]

    Reply
  • 20/10/2017 at 1:39 am
    Permalink

    Hi, i read your blog occasionally and i own a similar one and i
    was just curious if you get a lot of spam remarks? If so how do you stop it, any
    plugin or anything you can suggest? I get so much lately it’s driving me mad so any assistance is very much appreciated.

    Reply
  • 20/10/2017 at 1:38 am
    Permalink

    This design is steller! You certainly know how to keep a reader amused.
    Between your wit and your videos, I was almost moved to start my own blog (well, almost…HaHa!)
    Great job. I really loved what you had to say, and more than that, how
    you presented it. Too cool!

    Reply
  • 20/10/2017 at 1:19 am
    Permalink

    ところで、パソコンのOSは、職場、私用ともにwindows7であったが、つい先日、windows10にアップグレードした。 2009年のデビューから多くのプレイヤーに愛され続けた東方幻想麻雀。 [url=http://www.serialkeys.org/]windows server 2012 激安[/url]
    畑に少しの空きスペースがちょうどありましたので、準備を取り急ぎ始めました。 Service registration is missing or corrupt方法 3 : DISM コマンドを実行コマンドプロンプトで以下を実行します。
    [url=http://softpcjpjp.com/]windows 8.1 アップデート[/url] 信じ がたいかもしれないが、AmazonにあるDVDの数は584000、およそブルーレイディスク(22000)の26倍となっているのである。 ■ エフセキュアブログ : ハッキングされたLockyホストからの公共広告ペイロード/archives/50769196.html同一と思われるホワイトハッカーが実施した実行ファイルからテキスト文書にすげ替えてる例。
    [url=http://blog.goo.ne.jp/windows8-1]windows 8.1 アップグレード[/url]
    しかし、日本水路教会の海図ソフトはwindows8.1proに対応しておらず、サイトから新ドライブソフトをダウンロードして、ようやくドングルを認識して海図が動くようになった。 一個一個再起動しながら慎重に!FireFoxは再インストールが必要(なぜか不安定=イジメですか)EmuのVista64ドライバはまだ動きます>Win10で;)これはうれしい。 [url=http://softpcjpjp.com/]windows 8.1 アップグレード[/url]
    もちろん、セキュリティ対策ソフトのアップデートも。 ソフトウェアのライセンスで言うと、Office for Macについてです。
    [url=http://blog.goo.ne.jp/windows8-1]windows 8.1 ソフト[/url] ブログも初めてEdgeから「くみっぺのブログ」を開いて更新 してみました。 解決案2EXCEL2003を所有していない場合、「きぬあさ」さんが読み上げツールを公開してくださっています。
    [url=http://www.ofisu2013.com/]windows 7 アップデート[/url]

    Reply
  • 20/10/2017 at 1:01 am
    Permalink

    You’ve made some decent points there. I looked on the net for more info about the issue and found most individuals will go along with your views on this website.|

    Reply
  • 19/10/2017 at 11:55 pm
    Permalink

    7月末にはWindows 7/8.1からWindows 10への無償アップグレード期間が終了する予定のため、新機能のアピールも合わせて、この少し前にAnniversary Updateが提供されるのが自然と思われるからだ。 アプリや専用端末を用いることなく、Webブラウザ上で電子書籍を閲覧可能なビューワ。 [url=http://www.ofisu2013.com/]windows 7 の インストール[/url]
    )A. Windows Media サー ビスに ResearchPapers.ID フゖールドから協会の操作を追加します。 (Windows 10 IPのビルドのバージョン情報から7月中にリリース予定だったと推測できる)(ご覧の通り1607と表記されている。
    [url=http://www.officehb.com/]windows 7 アップデート[/url]  全体的にはWindows 10は小気味良い動作のいいOSだとは思うが、ほぼ強制的にアップデートされてしまうというのは、あまり歓迎されるべきものではないだろう。 これまで半月ほど様子見してたけど、怪しいこの手の価格帯のものでも5千円超だったので、まぁこれならもしも海賊版でも使い物になりさえすれば、掘り出し物かな、人身御供になるには手ごろな価格かな。
    [url=http://blog.goo.ne.jp/windows8-1]produkey windows 8.1[/url]
    で・・・この数時間前・・・Adollはあるお客さんのところに行って、ある話を聞いていました・・・。 他のメンバーも色々と四苦八苦しているようで、しばらくは慣れるまで作業が大変そうです。 [url=http://www.ofisu2013.com/]windows 7 ソフト[/url]
    しかも、サブセット的なMobile版ではなくフルWindowsだ。 日本ではまず入手不可能、1stCPUのヒートシンクベースに横穴空けてネジ切ってファンを付にゃあかんのよ。
    [url=http://www.office2016jpjp.net/]windows8 セットアップ[/url] 1397はコネクタ破損しちまった!1397はM4500でも設定あったんで使える鴨。 R指定の目盛が使えないワークステーションってどんな?まだGiga板のほうが自由だ。
    [url=http://softpcjpjp.com/]windows 8.1 アップデート[/url]

    Reply
  • 19/10/2017 at 8:42 pm
    Permalink

    何方か、上記を可能にできる方法をお知りの方おりましたら、教えていただけな…USBワンセグチューナーのlinux再生DS-DT305BKという激安USBワンセグチューナーを購入しました。 「安全」「激安」「迅速」してお取引していただくことが出来るサービスを提供いたしております。 [url=http://www.oggiarezzato.it/isabe/moncler_1/index.html]モンクレール レディース 2017[/url]
    これ、ベストっぽく見えるグレーの部分が取れてくれればすごい良かったのだけど、くっついています。 밀란 추억팔이1 ……………몽끌 ミラノ思い出売り1 ……………モンクレール直訳です。
    [url=http://www.oggiarezzato.it/isabe/moncler_1/index.html]モンクレール レディースダウン[/url] 実際に今回去年と同タイプは素材変更値上げになってました。 品番とサイズ、発送に必要なお名前、電話番号、住所をお伺いいたします。
    [url=http://www.barlocchi-treuhand.ch/coats/moncler_1/index.html]モンクレール メンズ tシャツ[/url]
    「DTMソフトは何をお使いですか??」(←ほとんど全員に伺った)「Cubaseです。 日本は尖閣諸島が含まれることから撤回を求めモンクレール ダウン レディースおり、運用改善で既成事実化されかねないとの懸念が出ている。 [url=http://www.barlocchi-treuhand.ch/coats/moncler_1/index.html]モンクレール メンズ 人気[/url]
    そんな中!素敵な企画のレコーディングにトレーナーとしてお邪魔させて頂きました前日発熱しお仕事をお休みさせて頂いてしまったので、どうなるかな?と思いましたがレコーディングには参加出来まシタ。 またフェザーが入っておりませんのでステッチの隙間から羽軸が出てチクチクする心配も全くありません。
    [url=http://1dangelikadudek.cba.pl/euseb/moncler_1/index.html]モンクレール カーディガン メンズ[/url] Via della spigaスピーガ通り@Milanoこの頃のミラノの主要な通りには、↑このように通りのネームのイルミネーションが設置されていて、目新しかったです~。 真冬でもインナーに着たいと思っていたので、少しゆとりのあるアウターを探していたのでした。
    [url=http://1dangelikadudek.cba.pl/euseb/moncler_1/index.html]モンクレール カーキ レディース[/url]

    Reply
  • 19/10/2017 at 8:38 pm
    Permalink

    Hi, Neat post. There’s a problem with your website in internet explorer, could check this? IE still is the market leader and a big component of other people will omit your excellent writing because of this problem.|

    Reply
  • 19/10/2017 at 7:36 pm
    Permalink

    Hmm is anyone else having problems with the images on this blog loading?
    I’m trying to determine if its a problem on my end or if it’s the blog.

    Any feedback would be greatly appreciated.

    Reply
  • 19/10/2017 at 6:40 pm
    Permalink

    Hi! I could have sworn I’ve been to this blog before but after checking through some of the post I realized it’s new to me. Anyways, I’m definitely delighted I found it and I’ll be book-marking and checking back often!|

    Reply
  • 19/10/2017 at 4:51 pm
    Permalink

    A la vez, son perfectos sobre todo para ocasiones y sucesos de etiqueta, con lo que va a ser un regalo siempre y en toda circunstancia acertado.

    y Rolex Industrie Para la fabricación de un reloj exclusivo siempre se dedica un grupo de expertos relojeros que tienen como objetivo único y primordial crear el
    mejor reloj del mundo. and Rolex Industrie sociedad anónima es una empresa suiza de relojes de pulsera y accesorios,
    creada tras la fusión en dos mil cuatro, de Montres Rolex Rolex: Con una
    tradición que data de 1915, esta marca es de las más populares del mundo
    merced a la durabilidad, desempeño y altos estándares de sus relojes certificados oficialmente por el COSC, el
    Instituto Oficial de Pruebas de Relojes cronómetros Suizos.
    , Por su estabilidad y economía ha alejado a todos los
    otros géneros de reloj en las aplicaciones frecuentes.

    Reply
  • 19/10/2017 at 4:42 pm
    Permalink

    Hmm it seems like your blog ate my first comment (it was
    super long) so I guess I’ll just sum it up what I had
    written and say, I’m thoroughly enjoying your blog.
    I as well am an aspiring blog writer but I’m still new to the whole
    thing. Do you have any tips for inexperienced blog writers?
    I’d really appreciate it.

    Reply
  • 19/10/2017 at 4:24 pm
    Permalink

    Hi! I’m at work surfing around your blog from my new iphone 3gs!
    Just wanted to say I love reading your blog and look forward to all your posts!
    Keep up the fantastic work!

    Reply
  • 19/10/2017 at 3:43 pm
    Permalink

    I am curious to find out what blog system you are utilizing?
    I’m experiencing some minor security issues with my latest website and I’d like to find
    something more safe. Do you have any suggestions?

    Reply
  • 19/10/2017 at 3:15 pm
    Permalink

    I’m amazed, I must say. Seldom do I come across a blog that’s both educative and engaging, and let me tell you, you’ve hit the
    nail on the head. The issue is an issue that not enough men and women are speaking intelligently about.
    I am very happy I came across this in my hunt for something relating to
    this.

    Reply
  • 19/10/2017 at 3:12 pm
    Permalink

    Having read this I believed it was rather informative.
    I appreciate you taking the time and energy to
    put this content together. I once again find myself spending
    a significant amount of time both reading and leaving comments.
    But so what, it was still worth it!

    Reply
  • 19/10/2017 at 3:02 pm
    Permalink

    First off I would like to say fantastic blog! I had a
    quick question in which I’d like to ask if you do not mind.
    I was interested to know how you center yourself and clear your head
    before writing. I have had a difficult time clearing my thoughts in getting my
    thoughts out there. I truly do enjoy writing however
    it just seems like the first 10 to 15 minutes are generally
    wasted simply just trying to figure out how to begin. Any ideas or tips?
    Kudos!

    Reply
  • 19/10/2017 at 2:28 pm
    Permalink

    また、最新米5月フィラデルフィア連銀製造業景況指数も38.8と1983年以降ほぼ34年ぶりの高水準となった2月来で最高となった。 この店ではカレーのルーが不足する事はあり得ない。 [url=http://abqpoly.com/xxio9/iron_1/index.html]mp900 xxio[/url]
    宇都宮で使っているミズノのシューズ、いつ買ったんだっけ、、、とブログを見てみるとなんと2011年6月。 その例として「カラフルになった軍手の自己主張   失名」をあげておきます。
    [url=http://abqpoly.com/xxio9/iron_1/index.html]ヤマハ 116 アイアン[/url] 浅い角度で斜面を横切る限り、私は大丈夫でした。 (AFP=時事) 22日午後3時ごろ「北谷町美浜のアメリカンビレッジ内にある観覧車が停止しゴンドラ内に人が取り残された」との119番通報があった。
    [url=http://abqpoly.com/xxio9/iron_1/index.html]mp900 xxio[/url]
    そもそも米側は、当初から否定的な見方を示している。 レモンにベルガモット、そこにバジル、ミントを加えたシトラス・グリーンのトップ。 [url=http://abqpoly.com/xxio9/iron_1/index.html]xxio アイアン 評価[/url]
    【翻訳編集】AFPBB News【AFP=時事】米大統領選の投票日を数日後に控えた3日、新たな世論調査 の結果が発表され、民主党候補ヒラリー・クリントン(HillaryClinton)前国務長官の共和党候補ドナルド・トランプ(Donald Trump) 氏に対するリードが縮小した。 周囲の期待に応えられなくなったから?自分の基準をクリアできなくなったから?自分の価値観を通すというか。
    [url=http://abqpoly.com/xxio9/iron_1/index.html]xxio9 アイアン 価格[/url] 民宿近くの秘密の○谷橋周辺から釣り初めて・・テクテクと釣り上って 帰ってきたのは、もう6時前やった。 さすがにリンクさんは今まで同様、細かい長いセリフは喋らず「フン!ハッ!エアー!!」だけだと思うけどやってみないと分からないので、とりあえず期待。
    [url=http://abqpoly.com/xxio9/iron_1/index.html]ゼクシオ レディース 価格[/url]

    Reply
  • 19/10/2017 at 2:26 pm
    Permalink

    What’s up, I read your blog like every week.
    Your story-telling style is witty, keep up the good work!

    Reply
  • 19/10/2017 at 2:24 pm
    Permalink

    Hello my friend! I wish to say that this post
    is amazing, nice written and come with almost all significant infos.
    I’d like to peer more posts like this .

    Reply
  • 19/10/2017 at 2:05 pm
    Permalink

    これでもうホンダ伝説はここで終わった・・・・ま、そんなわけで試乗してきた。 これを使いたくてSony信者の私が唯一AppleのiPodを買ったほど。 [url=http://abqpoly.com/xxio9/iron_1/index.html]ゼクシオ forged[/url]
                アーチ・ムーア(左)もプロレスのリングで戦ったことで有名だ。 「最高の選手はジダンとロナウド」東京で行われた熊本地震の被災地支援イベントに参加したベッカム photo by KYODO拡大写真 ヨハネスブルクで開かれたイベントで、まだデイビッド・ベッカムは語っていた。
    [url=http://abqpoly.com/xxio9/iron_1/index.html]xxio9 アイアン 単品[/url]  まずは明日何も考えずに、決められたカリキュラムに従い、最初からスイング作りに挑戦するつもり。 ヘッドカバー越しでもその輝きが伝わってきます!。
    [url=http://abqpoly.com/xxio9/iron_1/index.html]ゼクシオ レディース アイアン 価格[/url]
    まだなくならないからいいけれど、セールの時でないとツアーボールなんて買えませんよね。 この歌枕の地「木の下」もビル街に変わっているのだろう…と思っていたが、そうでもなかった。 [url=http://abqpoly.com/xxio9/iron_1/index.html]xxio9 アイアン 価格[/url]
    見える鶴の足は、11本しか確認できませんが、鶴は6羽いるそうです。 で、結果、レブロンがトリプルダブルの爆発でウォリアーズを撃破。
    [url=http://abqpoly.com/xxio9/iron_1/index.html]ゼクシオ forged[/url] 静かな中にも平和への強い意思を持つ、毅然とした映画である。 マスノスケの中1大会優勝、その後双子兄クマキチに渡り、シングルス大会準優勝や昨年の工業大会優勝まで、良く頑張りました。
    [url=http://abqpoly.com/xxio9/iron_1/index.html]xxio9 アイアン 単品[/url]

    Reply
  • 19/10/2017 at 2:04 pm
    Permalink

    I absolutely love your blog and find many of your post’s to be
    exactly what I’m looking for. can you offer guest writers to write content for you?

    I wouldn’t mind publishing a post or elaborating on a number of
    the subjects you write about here. Again,
    awesome weblog!

    Reply
  • 19/10/2017 at 2:04 pm
    Permalink

    振り返ってみればインターネットの情報もほどほどにということでした。 シックな見た目が、大人な雰囲気のインテリアとして人気となっていますよ。 [url=http://www.aakeys.com/buy-windows-10-key-code-c-106.html]windows8 セットアップ[/url]
    両者とも「あほな有権者が一定割合いる」ということを前提にした党名なわけです。 気をよくしてガンダムオンラインをインストールしましたが…起動時にこんなエラーが解像度はWindowsの設定でもIntelのグラフィックドライバー設定でも 2560×1440 なんです。
    [url=http://softwarejp.com/]windows 10 の インストール[/url] 1年前サポート終了のWindows XP、利用者が1割以上残る – トレンドマイクロ [マイナビ]トレンドマイクロは4月10日、Microsoftが2014年4月9日にサポートを終了したWindows XPが多くの企業で使われたままだとセキュリティブログで警告した。 更に、Office 2010 SP2はIE10、Windows 10、Windows Server 2012とOffice 2013にも共通性を有します。
    [url=http://softwarejp.com/category-2-b0-Office.html]office2016 メディア 購入[/url]
     にほんブログ村 ピュアオーディオの部のランキングに参加しております。 Windows7の時の起動時間は20秒ぐらい。 [url=http://softwarejp.com/category-2-b0-Office.html]ms office 2010 personal[/url]
     サポート終了とは、Microsoftが自動修正プログラム、更新プログラム、又はオンライン テクニカル アシスタンスの提供を終了する日付を指す。  OEM 版は、プリインストール版とも呼ばれ、パソコンに初めからインストールされているものである。
    [url=http://blog.goo.ne.jp/bosskey_office_2013]produkey office 2016[/url] C. SQL Server エージェ ントジョブ· クラスのオブジェクト· ディスカバリーを有効にします。 そしたら今朝楽天を開いたらこんな更新記事があった。
    [url=http://www.aakeys.com/buy-office-2016-key-code-c-107.html]microsoft excel 価格[/url]

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