डायनैमिक और डाइनामाइट : एक आत्मकथा

एक नारा को अभियान व जीवन – गान बना देने का जुनून

 

 

बंगलोर, 04 अक्टूबर 2016

मुझे और मेरे पूरे परिवार को एक ऐसे डॉक्टर दम्पती के सान्निध्य में आने का अवसर मिला है जो अपने मूल प्रोफेशन डॉक्टरी के साथ – साथ कई अन्य माध्यमों से भी समाज, देश और दुनिया के लिए बहुत कुछ कर गुजरने का जुनून पाले हुए हैं। वे हैं ऑल इंडिया इंस्टीच्युट ऑफ  मेडिकल साइंसेस (AIIMS)  नई दिल्ली में मेडिसिन के प्रोफेशर डॉक्टर पीयूष रंजन एमडी और उनकी पत्नी डॉक्टर अर्चना कुमारी रंजन एमएस , स्त्री रोग विशेषज्ञ, सफदरजंग हॉस्पीटल नई दिली ।

कन्याभ्रूण की हत्या भारत में व्याप्त सबसे बडी बुराइयों में से एक है । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने “बेटी बचाओ, बेटी पढाओ” का नारा दे कर इस बुराई को समाप्त करने की दिशा में एक बडा कदम उठाया है और उस नारा को अभियान व जीवन – गान बना देने का जुनून पाला है डॉक्टर पीयूष और डॉक्टर अर्चना ने।

डॉक्टर पीयूष एक लोकप्रिय डॉक्टर होने के साथ – साथ एक संवेदनशील इंसान और कलाकार भी हैं , उन्होंने हिन्दी एवं अंग्रेजी –  मिश्रित भाषा में  “इज दिस वर्ल्ड सेफ फॉर मी’ गीत लिखा है। इस गीत में मां के गर्भ में पल रही कन्या मदर मेरी और गॉड से यह आश्वासन चाहती है कि क्या वह मां के गर्भ से बाहर आए, बाहर की यह दुनिया उसके लिए सुरक्षित है ना ? इस गीत के शब्द जितने मार्मिक हैं, उसके बोल और संगीत भी उतने ही करुण रस – पगे हैं। हृदय में उतर जाने वाले इस गीत के जैसे ही अनेक गीत और जिंगल्स भी डॉक्टर पीयूष ने लिखे हैं, जिनमें से हिन्दी में लिखे “ओ मेरी गुडिया, देश की बिटिया” गीत और जिंगल्स विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। गीतों और जिंगल्स की शब्द रचना के साथ – साथ उनकी स्वर रचना डॉक्टर पीयूष ने खुद की है और उन्हें गाया भी है।

डॉक्टर पीयूष की पत्नी डॉक्टर अर्चना कुमारी रंजन एक प्रसिद्ध स्त्री रोग विशेषज्ञ होने के साथ – साथ नृत्य और गायन में भी विशेष रुचि रखती हैं, उन्होंने डॉक्टर पीयूष के गीत  “ओ मेरी गुडिया, देश की बिटिया” तथा जिंगल्स में स्वर भी दिया है।

दोनों की प्रस्तुतियां मधुर और मर्मस्पर्शी तो हैं ही, समाज व देश की सोच को बदलने वाली भी हैं। दुनिया के अन्य अनेक देशों में भी बेटियों के बारे में भारत की तरह ही लगभग एक जैसी सोच ही है और वह सोच सोचनीय है।

इस संबंध में विशेष कुछ न कह कर मैं पचास से भी अधिक देशों के अपने लाखों सुधी पाठकों से अपने ब्लॉग  shreelal.in  पर इस पोस्ट के माध्यम से आग्रह करना चाहूंगा कि आप सब एक बार इन गीतों और जिंगल्स को सुनें जरूर , इन जिंगल्स को  भारत के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने अपना लिया है तथा जनहित में जारी भी किया है। ये यु ट्युब और पीयूष रंजन के फेसबुक पर भी उपलब्ध हैं। मैं भी व्यापक जनहित में अपने ब्लॉग के सुधी पाठकों के लिए इस डॉक्टर दम्पती के “एक नारा को अभियान व जीवन – गान बना देने का जुनून” प्रस्तुत कर रहा हूं।

ऑडियो और वीडियो दिए जा रहे हैं। इन्हें सुनने के लिए यदि हेडफोन का इस्तेमाल किया जाए तो बेहतर होगा|

“अमन” श्रीलाल प्रासद

बंगलोर, 04 अक्टूबर 2016

मो.9310249821

 

 

 

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