डायनैमिक और डाइनामाइट : एक आत्मकथा

मेरे नाती कुमार कुमार श्रेष्ठ के जन्मदिन पर विशेष
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बंगलोर , 18 अक्टूबर 2016

मेरा नाती कुमार श्रेष्ठ आज दो वर्ष का हो गया। नाती को जन्मदिन की हार्दिक बधाइयां,शुभकामनाएं और अशेष आशीर्वाद।

मेरी बडी बेटी शिल्पाश्री एमए गोल्ड मेडलिस्ट (मास्कॉम) बीएड और जमाई सुमीत कुमार (प्रबंधक , भारतीय स्टेट बैंक) का प्रथम पुत्र कुमार श्रेष्ठ का जन्म 18 अक्टूबर 2014 को नई दिल्ली में हुआ। शिल्पाश्री अग्रणी राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक समाचार पत्रों में फ्रीलांसिंग रिपोर्टिंग करती थी, अभी वह सब छोड कर बेटे , पति और सास की देखरेख कर रही हैं, सुमीत जी की पोस्टिंग एसबीआई के गुजरात एलएचओ में है, इसीलिए वे सभी अहमदाबाद में ही रह रहे हैं।

नाती के जन्म के समय मैं पंजाब नैशनल बैंक प्रधान कार्यालय नई दिल्ली में राजभाषा – प्रभारी मुख्य प्रबंधक था और पश्चिम विहार में बैंक द्वारा प्रदत्त लीज्ड फ्लैट में सपरिवार रह रहा था, उसी माह, 31 अक्टूबर को, मैं 38 वर्षों की बैंकिंग सेवाएं और 60 वर्ष की आयु पूरी कर बैंक से सेवानिवृत्त हुआ। तब से मैं पत्नी के साथ दिल्ली एनसीआर में स्थायी रूप से रहता हूं। बेटा कुमार पुष्पक और बहू आरती पुष्पक तथा मेरा पोता अपूर्व अमन बंगलोर में रहते हैं। पुष्पक ने बीआईटी और कोलकाता आईआईएम से ग्लोबल बिजनेस में एग्जीक्युटिव एमबीए किया है तथा एक एमएनसी में यूरोप क्षेत्र के बिजनेस प्रभारी सेल्स मैनेजर हैं; आरती ने भी एमबीए किया है और एक आईटी कम्पनी में डायरेक्टर हैं। छोटी बेटी शिप्रा एक एमएनसी कॉग्नीजेंट में सीनियर सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं और जमाई अभिषेक आर्यन भी एक एमएनसी आईबीएम में सीनियर सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। वे दोनों भी बंगलोर में ही पोस्टेड हैं। मैं और मेरी पत्नी पुष्पा कभी दिल्ली एनसीआर में,  कभी बेटे – बहू के पास तो, कभी बडी बेटी तो कभी छोटी बेटी के पास आते – जाते रहते हैं ।

पिछले डेढ महीनों से हम बेटे के पास बंगलोर में हैं, मैं टायफायड और चिकन गुनिया से पीडित था , अब ठीक तो हो गया हूं किंतु पूरी तरह ठीक होने में कुछ समय लगेगा। हम दो दिनों से बंगलोर में ही छोटी बेटी और दामाद के पास हैं , दो दिनों बाद फिर बेटे – बहू के पास चले जाएंगे , जब हम बंगलोर में बेटे के पास होते हैं तो छोटी बेटी और दामाद भी वीकेण्ड हमारे साथ ही बिताते हैं।

मैं और मेरी पत्नी नाती कुमार श्रेष्ठ के तीसरे जन्मदिन यानी जन्म की दूसरी वार्षिकी पर अहमदाबाद नहीं जा सके, क्योंकि चिकनगुनिया का असर पूरी तरह अभी गया नहीं है फलस्वरूप यात्रा करने में असुविधा है , लेकिन फिर भी, मानसिक रूप से हम अहमदाबाद में नाती और बेटी – दामाद के पास ही हैं तथा सोसल मीडिया की आधुनिक तकनीक के माध्यम से नाती के जन्मदिन की पार्टी का लाइव आनन्द उठा रहे हैं।

कुमार श्रेष्ठ की बालसुलभ भंगिमाएं तो वैसी ही हैं जैसी उस उम्र के आम बच्चों में होती है किंतु लगता है कि ईश्वर ने उसे कुछ विशेष आशीर्वाद दिए हैं, वह कुछ अधिक ही ऐक्टिव और नटखट है तथा उसकी गतिविधियों में स्वाभाविक नाटकीयता वैसी ही है जैसी श्री कृष्ण की बाल लीला में सूरदास जी ने वर्णन किया है। सर्वशक्तिमान मेरे नाती को दीर्घायु व यशस्वी बनावें तथा सदा स्वस्थ – प्रसन्न रखें । हम सब की यही प्रार्थना है।

आएं, हम आशीर्वाद दें कि श्रेष्ठ अपने जीवन में श्रेष्ठ मानवीय मूल्यों को अपनाए और एक संवेदनशील इंसान बने।

नाती के मंगलमय जीवन के लिए शुभकामनाएं और शुभाशीष !

 

‘अमन’ श्रीलाल प्रसाद

बंगलोर, 18 अक्टूबर 2016

मो. 9310249821

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