महाभारत ! तेरे रूप अनेक !!

महाभारत ! तेरे रूप अनेक !!

बंगलोर, 20 अक्टूबर 2016

उत्तम प्रदेश !  जी हां, हां, सही समझे आप, वही उत्तम प्रदेश ! वहां चुनावी महासमर के पहले पारिवारिक महाभारत ! बिलकुल सही , महाभारत ! तेरे रूप अनेक ।

इस महाभारत में भीष्मपितामह और धृतराष्ट्र, दोनों की ही आत्माएं एक ही शरीर में हैं, हालांकि इस दफे वे दोनों ही ओरिजनल महाभारत के भीष्म और धृतराष्ट्र की तरह सिंहासन से बंधे हुए नहीं हैं, फिर भी,यह नहीं कहा जा सकता कि धृतराष्ट्र वाली आत्मा को पुत्रमोह नहीं है, क्योंकि उसके एक ही पुत्र तो था नहीं , कहीं दूसरे वाले को सिंहासन वाले की ओर से उपेक्षित समझ कर धृतराष्ट्र सिंहासन वाले से छिटक कर दूसरे वाले के मोह में फंसे गए हों, इसीलिए मोह तो है ही। लेकिन इस बार शकुनी मामा नहीं, चाचा हैं और शायद यह शकुनी ओरिजनल शकुनी से ज्यादा चतुर है , क्योंकि उसने तो भीष्म + धृतराष्ट्र = कौरव को ही सिंहासन वाले युवराज से अलग कर दिया। बिदुर चाचा तो चाचा ही हैं, क्योंकि थोडी दूर के जो हैं।

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डायनैमिक और डाइनामाइट : एक आत्मकथा

मेरे नाती कुमार कुमार श्रेष्ठ के जन्मदिन पर विशेष
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बंगलोर , 18 अक्टूबर 2016

मेरा नाती कुमार श्रेष्ठ आज दो वर्ष का हो गया। नाती को जन्मदिन की हार्दिक बधाइयां,शुभकामनाएं और अशेष आशीर्वाद।

मेरी बडी बेटी शिल्पाश्री एमए गोल्ड मेडलिस्ट (मास्कॉम) बीएड और जमाई सुमीत कुमार (प्रबंधक , भारतीय स्टेट बैंक) का प्रथम पुत्र कुमार श्रेष्ठ का जन्म 18 अक्टूबर 2014 को नई दिल्ली में हुआ। शिल्पाश्री अग्रणी राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक समाचार पत्रों में फ्रीलांसिंग रिपोर्टिंग करती थी, अभी वह सब छोड कर बेटे , पति और सास की देखरेख कर रही हैं, सुमीत जी की पोस्टिंग एसबीआई के गुजरात एलएचओ में है, इसीलिए वे सभी अहमदाबाद में ही रह रहे हैं।

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